पिप्पली के फायदे:

पिप्पली भूख बढ़ाने, पाचन शक्ति, पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त, हैजा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी, फेफड़ों की समस्या, सिरदर्द, दांत दर्द, कोमा, मिर्गी, बुखार, आघात, नींद न आना (अनिद्रा), कुष्ठ रोग, अत्यधिक थकान, बढ़े हुए प्लीहा, मांसपेशियों में दर्द, नाक से पानी निकलना, पक्षाघात, सोरायसिस, आंतों के कीड़े और विटामिन बी 1 की कमी की पूर्ति के लिए उपयोगी है।

कैसे उपयोग करे:

पीपली को गाय के घी में तलें और फिर उसे चीनी, शहद या गाय के दूध में पीसकर मिलाएं, पिप्पली भूख बढ़ाने, पाचन शक्ति, पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त, हैजा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी, फेफड़ों की समस्याभोजन से 10 मिनट पहले या बाद में सेवन करें. इससे नपुंसकता के अलावा शीघ्रपतन की समस्या में भी लाभ मिलेगा

पीपल, पीपलाजड़, काली मिर्च और सोंठ के बराबर-बराबर भाग का चूर्ण (pippali churna)बना लें। पिप्पली के फायदे इसकी 2 ग्राम की मात्रा लेकर शहद के साथ चटाते रहने से जुकाम में लाभ मिलता है।

एक ग्राम पिप्पली चूर्ण (Pippali churna) में दोगुना शहद या बराबर मात्रा में त्रिफला मिला लें।पिप्पली के फायदे इसे चाटने से सांसों के रोग, खांसी, हिचकी, बुखार, गले की खराश, साइनस व प्लीहा रोग में लाभ होता है।

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