बासी रोटी खाने के फायदे

खाने की कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्‍हें बासी खाया जाए तो, सेहत के लिये बेहद फायदेमंद साबित होती हैं, इनमें से बासी रोटी या चपाती शामिल है, बासी रोटी दवाई का काम करती है…

ठंडे दूध में भिगोकर खाएं बासी रोटी, जड़ से खत्म हो जाएंगे यह रोग !

हम अक्‍सर घर में बचा बासी खाना या तो फेक देते हैं, या फिर जानवरों को खिला देते हैं, मगर क्‍या आप जानते हैं कि, ठंडे दूध में बासी रोटी का रोजाना सेवन एसिडिटी, गैस, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में मदद करता है।

बासी रोटी, विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होती है, वहीं, ग्लूटेन से एलर्जी वाले लोग ज्वार, बाजरा, रागी जैसे अन्य आटे का विकल्प चुन सकते हैं, जो काफी हेल्‍दी होता है, गेहूं के आटे से बनी रोटी अगर रात में बना कर सुबह नाश्‍ते के दौरान या 12-15 घंटों के भीतर खाई जाए तो, इसका हेल्‍थ पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा !

​ब्‍लड शुगर लेवल को संतुलित करता है :—

सुबह के समय ठंडे दूध के साथ बासी रोटी का सेवन करने से रक्तचाप की समस्या से राहत मिलती है, ठंडे दूध में बासी रोटी भिगोएं और इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर इसे नाश्ते के रूप में खाएं, इससे ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

​पेट की समस्याओं को दूर करता है:–

सोने से पहले बासी रोटी को ठंडे दूध में भिगोने से कब्ज, गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी कई बीमारियों से मुक्‍ति मिल सकती है।

​डायबिटीज करे कंट्रोल :–

जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, उनके लिए बासी रोटी शुगर के लेवल को बनाए रखने के लिए, सबसे अच्छा घरेलू उपायों में से एक है, बासी रोटी को ठंडे दूध में भिगोकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और दिन के किसी भी समय इसका सेवन करें।

खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ

आजकल सभी जगह शादी-पार्टियों में खड़े होकर भोजन करने का रिवाज चल पडा है लेकिन हमारे शास्त्र कहते हैं कि हमें नीचे बैठकर ही भोजन करना चाहिए । खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ तथा पंगत में बैठकर भोजन करने से जो हानि होती हैं वे निम्नानुसार है👇

(१) यह आदत असुरों की है । इसलिए इसे ‘राक्षसी भोजन पद्धति’ कहा जाता है ।

(२) इसमें पेट, पैर व आँतों पर तनाव पड़ता है, जिससे गैस, कब्ज, मंदाग्नि, अपचन जैसे अनेक उदर-विकार व घुटनों का दर्द, कमरदर्द आदि उत्पन्न होते हैं । कब्ज अधिकतर बीमारियों का मूल है ।

(३) इससे जठराग्नि मंद हो जाती है, जिससे अन्न का सम्यक् पाचन न होकर अजीर्णजन्य कई रोग उत्पन्न होते हैं ।

(४) इससे हृदय पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे हृदयरोगों की सम्भावनाएँ बढ़ती हैं ।

(५) पैरों में जूते-चप्पल होने से पैर गरम रहते हैं । इससे शरीर की पूरी गर्मी जठराग्नि को प्रदीप्त करने में नहीं लग पाती ।

(६) बार-बार कतार में लगने से बचने के लिए थाली में अधिक भोजन भर लिया जाता है, बासी रोटी खाने के फायदे फिर या तो उसे जबरदस्ती ठूँस-ठूँसकर खाया जाता है जो अनेक रोगों का कारण बन जाता है अथवा अन्न का अपमान करते हुए फेंक दिया जाता है ।

(७) जिस पात्र में भोजन रखा जाता है, बासी रोटी खाने के फायदे वह सदैव पवित्र होना चाहिए लेकिन इस परम्परा में जूठे हाथों के लगने से अन्न के पात्र अपवित्र हो जाते हैं । इससे खिलानेवाले के पुण्य नाश होते हैं और खानेवालों का मन भी खिन्न-उद्विग्न रहता है

(८) हो-हल्ले के वातावरण में खड़े होकर भोजन करने से बाद में थकान और उबान महसूस होती है । मन में भी वैसे ही शोर-शराबे के संस्कार भर जाते हैं ।

 बैठकर (या पंगत में) भोजन करने से लाभ

(१) इसे ‘दैवी भोजन पद्धति’ कहा जाता है ।

(२) इसमें पैर, पेट व आँतों की उचित स्थिति होने से उन पर तनाव नहीं पड़ता ।

(३) बासी रोटी खाने के फायदे इससे जठराग्नि प्रदीप्त होती है, अन्न का पाचन सुलभता से होता है ।

(४) हृदय पर भार नहीं पड़ता ।

(५) आयुर्वेद के अनुसार भोजन करते समय पैर ठंडे रहने चाहिए । इससे जठराग्नि प्रदीप्त होने में मदद मिलती है । इसीलिए हमारे देश में भोजन करने से पहले हाथ-पैर धोने की परम्परा है ।

(६) पंगत में एक परोसनेवाला होता है, बासी रोटी खाने के फायदे जिससे व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार भोजन लेता है । उचित मात्रा में भोजन लेने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है व भोजन का भी अपमान नहीं होता ।

(७) भोजन परोसनेवाले अलग होते हैं, बासी रोटी खाने के फायदे जिससे भोजनपात्रों को जूठे हाथ नहीं लगते । भोजन तो पवित्र रहता ही है, साथ ही खाने-खिलानेवाले दोनों का मन आनंदित रहता है

(८) शांतिपूर्वक पंगत में बैठकर भोजन करने से मन में शांति बनी रहती है, थकान-उबान भी महसूस नहीं होती ।

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